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वो नहीं आती पर निशानी भेज देती है
ख्वाबो में दास्ताँ पुरानी भेज देती है
कितने मीठे हे उसकी यादो के मंज़र।
कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है!!
कुछ खूबसूरत पल याद आते हैं,
पलकों पर आँसु छोड जाते हैं,
कल कोई और मिले हमें न भुलना
क्योंकि कुछ रिश्ते जिन्दगी भर याद आते हैं|
नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली,
रहे दोनों खामोश पर बात करली,
मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया,
इन आंखों ने रो रो के बरसात कर ली !!
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हम दिलफेक आशिक़ है, हर काम में कमाल कर दे,
जो वादा करे वो पूरा हर हाल में कर दे,
क्या जरुरत है जानू को लिपस्टिक लगाने की,
हम चूम-चूम के ही होंठ उसके लाल कर दे !!
तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने,
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने,
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल,
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!
इश्क सभी को जीना सिखा देता है,
वफा के नाम पे मरना सिखा देता है,
इश्क नहीं किया तो करके देखो,
जालिम हर दर्द को पीना सिखा देता हैं।
लम्हे जुदाई के बेकरार करते हैं,
हालात मेरे मुझे लाचार करते हैं,
आँखे मेरी पढ़ लो कभी,
हम खुद कैसे कहे की आपसे प्यार करते हैं.
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ज़रूरी काम है लेकिन रोज़ाना भूल जाता हूँ
मुझे तुम से मोहब्बत है मगर जताना भूल जाता हूँ
तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है
मैं रास्ता याद रखता हूँ मगर ठिकाना भूल जाता हूँ।।
हमारे तो दामन मे काँटो के सिवा कुछ नहीं,
आप तो फूलों के खरीदार नजर आते हो,
जहा मे कितने दोस्त मिले,
पर सबसे अच्छे तो आप नजर आते हो..
करनी है खुदा से गुजारिश,
तेरी दोस्ती के सिवा कोई बंदगी न मिले,
हर जनम में मिले दोस्त तेरे जैसा,
या फिर कभी जिंदगी न मिले।
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टूटे दिल को, संभलने की आस क्या रखिये,
कितना खोया ज़िंदगी में हिसाब क्या रखिये,
अगर बांटनी है तो खुशियाँ बांटो दोस्तों से,
अपने अज़ाब अपने हैं,सब को उदास क्या रखिये।
कुछ रिश्ते अंजाने मे बाँध जाते हैं,
अंजान दिल भी ज़िंदगी से जुड़ जाते हैं,
कहते हैं उस रिश्ते को दुनिया मे दोस्ती,
दिल से दिल इसमे जाने कब मिल जाते हैं..
देखी जो नब्ज मेरी,
हँस कर बोला वो हकीम,
जा जमा ले महफिल पुराने दोस्तों के साथ..
तेरे हर मर्ज की दवा वही है.
किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है?
जो नहीं मिल सकता उसी से मुहब्बत क्यों है?
कितने खायें है धोखे इन राहों में!
फिर भी दिल को उसी का इंतजार क्यों है?
डर मुझे भी लगा फांसला देख कर,
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर,
खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई
मेरी मंज़िल मेरा हौंसला देख कर.!
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टूटने लगा हूँ, ख़ुदा मुझे फ़ना कर दे,
या वो मक़सद दे जिसपे जिंदगी हम सदा कर दें,
जीने की जिद ज्यादा नही,
मगर जितना जिया उसमें कुछ ताऱीफें अदा कर दे।।
जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की,
बिगड़े रिश्ते ना बने तो खुदाई किस काम की,
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है,
पर जहाँ से अपने ना दिखें वो उँचाई किस काम की।
और कोई गम नहीं एक तेरी जुदाई के सिवा,
मेरे हिस्से में क्या आया तन्हाई के सिवा,
यूँ तो मिलन की रातें मिली बेशुमार,
प्यार में सब कुछ मिला शहनाई के सिवा.
प्यार करके कोई जताए ये जरूरी तो नही,
याद करके कोई बताये ये जरूरी तो नही,
रोने वाला तो दिल में ही रो लेता है,
आँख में आंसू आये ये जरूरी तो नही.
कभी कभी मेरी आँखे यूँ ही रो पडती है,
मै इनको कैसे समझाऊँ,
कि कोई शक्स सिर्फ चाहने से ही अपना नही हो जाता,
किस्मत की लकीरें भी चाहिए.
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खूबियाँ इतनी तो नही हम मे,
कि तुम्हे कभी याद आएँगे,
पर इतना तो ऐतबार है हमे खुद पर,
आप हमे कभी भूल नही पाएँगे..
ऐसे तेरी कमी सी लगती है,
आग जैसे हवा से सुलगती है,
याद आते है लम्हे सब बीते हुए,
जैसे जैसे यह शाम ढलती है..
तेरे लिबास से मोहब्बत की है,
तेरे एहसास से मोहब्बत की है..
तू मेरे पास नहीं फिर भी,
मैंने तेरी याद से मोहब्बत..
सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उस शख्स में की हम
सारी मेहफिल भुल गये बस वह चेहरा याद रहा..!!
सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे
सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे
तुम तो अच्छे हो न, याद ही कर लिया करो
मेरी नज़र बरसो मुन्तजिर रही है तेरी,
हर गुजरते चेहरे का तवाफ किया है मेने,
बिछड़ने वाले लोट के आते है एक दिन,
ये सोच के हर पल इंतजार किया है मेने..
मुहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं!
प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं!
मुद्दतें बीत जाती हैं किसी के इंतज़ार में!
ये सिर्फ पल-दो-पल का काम नहीं!
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यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे,
खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे,
माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की,
पर हँसते-हस्ते कभी वो भी रोए होंगे.
जब भी उनकी गली से गुज़रता हूँ;
मेरी आंखें एक दस्तक दे देती हैं;
दुःख ये नहीं, वो दरवाजा बंद कर देते हैं;
खुशी ये है, वो मुझे अब भी पहचान लेते हैं!
ना महफिल अजीब है ना मंजर अजीब है,
उसने जो चलाया था वो खंजर अजीब है,
ना डूबने देता है ना ऊबरने देता है,
उसकी आंखो का वो समंदर अजीब हैं।।
हमने सोचा था कि शायद, हम ही चाहते है तुमको,
पर तुम्हें चाहने वाला तो काफिला निकला,
दिल ने कहा शिकायत कर खुदा से,
पर खुदा भी तेरा चाहने वाला निकला।
बातें ऐसे करो की जज्बात कभी कम न हों,
ख्यालात ऐसे रखो कि कभी गम न हो,
दिल में अपने इतनी जगह दे देना हमें,
कि खाली-खाली सा लगे जब हम न हों!
वो दर्द ही क्या जो आँखों से बह जाए,
वो खुशी ही क्या जो होठों पर रह जाए,
कभी तो समझो मेरी खामोशी को,
वो बात ही क्या जो लफ्ज़ आसानी से कह जायें..
दिल की हर बात ज़माने को बता देते है
अपने हर राज़ से परदा उठा देते है
चाहने वाले हमे चाहे या ना चाहे
हम जिसे चाहते है उस पर ‘जान’ लूटा देते है.
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ना दुआ माँगी ना कोई गुज़ारिश की,
ना कोई फरियाद ना कोई नुमाइश की,
जब भी झुका सर खुदा के आगे,
ए जान बस आपकी खुशी की ख्वाइश की…
ऐ दोस्त जिदगी भर मुझसे दोस्ती निभाना,
दिल की कोई भी बात हमसे कभी ना छुपाना,
साथ चलना मेरे दुख सुख मे,
भटक जाऊ मै कभी तो सही रास्ता दिखलाना।
शाम-ए-महेफिल!
चलो कुछ पुराने दोस्तों के,
दरवाज़े खटखटाते हैं,
देखते हैं उनके पँख थक चुके है,
या अभी भी फड़फड़ाते हैं,
हँसते हैं खिलखिलाकर,
या होंठ बंद कर मुस्कुराते हैं,
वो बता देतें हैं सारी आपबीती,
या सिर्फ सफलताएं सुनाते हैं,
हमारा चेहरा देख वो,
अपनेपन से मुस्कुराते हैं,
या घड़ी की और देखकर,
हमें जाने का वक़्त बताते हैं,
चलो कुछ पुराने दोस्तों के,
दरवाज़े खटखटाते हैं!
दिल टूटना सजा है महोब्बत की,
दिल जोडना अदा है दोस्ती की,
माँगे जो कुर्बानी वो है महोब्बत,
जो बिन माँगे हो जाऐ कुर्बान वो है दोस्ती हमारी..
गुलाब खिलते रहे ज़िंदगी की राह् में,
हँसी चमकती रहे आप कि निगाह में.
खुशी कि लहर मिलें हर कदम पर आपको,
देता हे ये दिल दुआ बार–बार आपको.
हम जीते है खुशिया पाने के लिए,
ए दोस्त तू हाथ बढाके तो देख,
क्या होती है ख़ुशी,
हम बैठे है इसका ऐसास दिलाने के लिए..
कहते हे..प्यार की शुरूआत आँखो से होती है,
यकीन मानो दोस्तो,
प्यार की कीमत भी आँखो को ही चुकानी पङती है..
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जाने मेरी मंजिलो के रास्ते कौनसे है,
चल तो रहे है कदम पर दायरे कौनसे है,
क्या ढूँढती है नज़र हर पल,
कौन अपने और पराये कौन से है ।।
उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो;
जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो;
इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है;
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो।
हथेली पर रखकर, नसीब अपना
क्यूँ हर शख्स, मुकद्दर ढूँढ़ता है
अजीब फ़ितरत है, उस समुन्दर की
जो टकराने के लिए, पत्थर ढूँढ़ता है
ज़िंदगी जीने का मकसद ख़ास होना चाहिए;
और अपने आप में हमेशा विश्वास होना चाहिए;
जीवन में खुशियों की कमी नहीं है दोस्तो;
बस खुशियों को मनाने का अंदाज़ होना चाहिए।
ख्वाबों कॆ अंदर ज़िंदा मत रहो,
बल्की अपने अंदर ख्वाब को ज़िदा रखो,
मोहब्बत उससॆ नही होती जो खूबसूरत हो,
खूबसूरत वो होती है जिससॆ मोहब्बत हो..
छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,
जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,
तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर.
देख मेरी आँखों में ख्वाब किसके हैं
दिल में मेरे सुलगते तूफ़ान किसके हैं
नहीं गुज़रा कोई आज तक इस रास्ते से
फिर ये क़दमों के निशान किसके हैं
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रात को जब चाँद सितारे चमकते हैं,
हम हरदम फिर तेरी याद में तड़पते हैं,
आप तो चले गए हो छोड़कर हम को,
मगर हम मिलने को तरसते है।
हर गुलशन गुलजार हुआ करते है,
हर फूल खुशबूदार हुआ करते है,
मगर हमने यह सोच कर बडी भूल की,
हर दोस्त वफादार हुआ करते हैं।
यार से ऐसी यारी रख,दुःख में भागीदारी रख,
चाहे लोग कहे कुछ भी ,तू तो जिम्मेदारी रख,
वक्त पड़े काम आने का, पहले अपनी बारी रख,
मुसीबते तो आएगी, पूरी अब तैयारी रख,
कामयाबी मिले ना मिले,जंग हौंसलों की जारी रख,
बोझ लगेंगे सब हल्के, मन को मत भारी रख,
मन जीता तो जग जीता,कायम अपनी खुद्दारी रख..
मिल जाती है कितनो को ख़ुशी,
मिट जाते हैं कितनो के गम,
मैसेज इसलिये भेजते है हम,
ताकि न मिलने से भी अपनी दोस्ती न हो कम.
क्यूँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त
क्यूँ गम को बाँट लेते हैं दोस्त,
न रिश्ता खून का न रिवाज से बंधा है,
फिर भी ज़िन्दगी भर साथ देते हैं दोस्त.
न जाने सालों बाद कैसा समां होगा,
हम सब दोस्तों में से कौन कहा होगा,
फिर अगर मिलना होगा तो मिलेंगे ख्वाबों मे,
जैसे सूखे गुलाब मिलते है किताबों मे.
दोस्तों की कमी को पहचानते है हम,
दुनियाँ के गमों को भी जानते है हम,
आप जैसे दोस्तों के ही सहारे..
आज भी हँस कर जीना जानते है हम।
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किसी रोज़ याद न कर पाऊं तो खुदगर्ज़ न समझ लेना दोस्तों,
दरसल छोटी सी इस उम्र में परेशानिया बहुत हैं,
मैं भूला नहीं हूँ किसी को मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं ज़माने में,
बस थोड़ी ज़िन्दगी उलझ पड़ी है दो वक़्त की रोटी कमाने में|
कभी आंसू तो कभी ख़ुशी देखी,
हमने अक्सर मजबूरी और बेकसी देखी,
उनकी नाराज़गी को हम क्या समझें,
हमने तो खुद अपनी तकदीर की बेबसी देखी..
मंजिले बहुत है और अफ़साने भी बहुत है,
जिंदगी की राह में इम्तिहान भी बहुत है,
मत करो दुःख उसका जो कभी मिला नही
दुनिया में खुश रहने के बहाने भी बहुत है।
मशहूर होना पर मगरुर ना होना,
कामयाबी से नशे मे चूर ना होना,
मिल जाए सारी कायनात आपको अगर,
इसके लिए अपनो से कभी दूर मत होना..
जिन्दगी हसीन है जिन्दगी से प्यार करो,
है रात तो सुबह का इतजार करो,
वो पल भी आऐगा जिसका इतजार हैं आप को,
रब पर भरोसा और वक्त पे ऐतबार रखो।
खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं
दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलतीं
चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर,
इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं !
जब प्यार किसी से होता है
हर दर्द दवा बन जाता है
क्या चीज मुहब्बत होती है
एक शख्स खुदा बन जाता है
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जब इश्क का जादू चलता है
सेहरा में फूल खिल जाता है
जब कोई दिवाना मचलता है
तब ताजमहल बन जाता है.
छोड़ तो सकता हूँ,
मगर..
छोड़ नहीं पाता उसे,
वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई..
आदत की तरह है..
उतर के देख मेरी चाहत की गहराई मै,
सोचना मेरे बारे मै रात की तन्हाई मै,
अगर हो जाए मेरी चाहत का एहसास तुम्हे,
तो मिलेगा मेरा अक्स तुम्हे अपनी ही परछाई मै…
जिँदा है शाहजहाँ की चाहत अब तक,
गवाह है मुमताज की उल्फत अब तक।
जाके देखो ताज महल को ए दोस्तोँ,
पत्थर से टपकती है मोहब्बत अब तक.
आज मेरा दोस्त मुझसे रूठा है
मेरे सब्र का बाँध भी अब टूटा है
वो मुझे मिला ही कब था इस जमाने में
जो मैं ये सोंचता हूँ की वो मुझसे छूटा है.
ज़िन्दगी लहर थी आप साहिल हुए,
न जाने कैसे हम आपकी दोस्ती के काबिल हुए,
न भूलेंगे हम उस हसीं पल को,
जब आप हमारी छोटी सी ज़िन्दगी में शामिल हुए.
फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है,
मुस्कुरा के गम भूलाना जिन्दगी है,
मिलकर लोग खुश होते है तो क्या हुआ,
बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी है!
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दोस्ती वो नहीं जो जान देती है,
दोस्ती वो भी नहीं जो मुस्कान देती है,
अरे सच्ची दोस्ती तो वो है..
जो पानी में गिरा हुआ आंसू भी पहचान लेती है.
तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर
सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन,उसमे उलझने की कोशिश न कर
चलते वक़्त के साथ तू भी चल, उसमे सिमटने की कोशिश न कर
अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर
मन में चल रहे युद्ध को विराम दे, खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर
कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर
जो मिल गया उसी में खुश रह, जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर
रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा, मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर..
मंजिलें तो हासिल कर ही लेगे,
कभी किसी रोज,
ठोकरें कोई जहर तो नहीं ,
जो खाकर मर जायेगें.
किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये,
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता,
डरिये वक़्त की मार से,
बुरा वक़्त किसीको बताकर नही आता..
जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा…
जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा…

बिना संघर्ष के इन्सान चमक नही सकता, यारों…
जो जलेगा उसी दिये में तो, उजाला होगा…।
हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव पांव चली
सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव-छाँव चली।।
मुस्कारने के मकसद न ढूँढ,
वर्ना जिन्दगी यूँ ही कट जाएगी,
कभी बेवजह भी मुस्कुरा के देख,
तेरे साथ साथ जिन्दगी भी मुस्कुरायेगी।
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कभी किसी से प्यार मत करना!
हो जाये तो इंकार मत करना!
चल सको तो चलना उस राह पर!
वरना किसी की ज़िन्दगी ख़राब मत करना!
दिल लगता नहीं है अब तुम्हारे बिना,
खामोश से रहने लगे है तुम्हारे बिना,
जल्दी लौट के आओ अब यही चाह है,
वरना जी ना पाएँगे तुम्हारे बिना..
खामोश चेहरे पर हजार पहरे होते हैं,
हंसती आंखों में भी जख्म गहरे होते हैं।
जिनसे अक्सर रूठ जाते हैं,
हम असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते हैं..
घर से बाहर वो नक़ाब मे निकली,
सारी गली उनकी फिराक मे निकली,
इनकार करते थे वो हमारी मोहब्बत से,
ओर हमारी ही तस्वीर उनकी किताब से निकली।
अपनी जिंदगी के अलग असूल हैं,
यार की खातिर तो कांटे भी कबूल हैं,
हंस कर चल दूं कांच के टुकड़ों पर भी,
अगर यार कहे, यह मेरे बिछाए हुए फूल हैं.
मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी हे,
तब तुझे माँगी और तेरी वफ़ा माँगी हे,
जिस प्यार को देख के दुनियावाले जला करते हे,
तेरी मोहब्बत करने की वो प्यारी सी अदा माँगी.
भूलना चाहो तो भी याद हमारी आएगी,
दिल की गहराई मे हमारी तस्वीर बस जाएगी,
ढूढ़ने चले हो हमसे बेहतर दोस्त,
तलाश हमसे शुरू होकर हम पे ही ख़त्म हो जाएगी.
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प्यार करने वालों की किस्मत खराब होती है,
हर वक़्त इंतेहा की घड़ी साथ होती है,
वक़्त मिले तो रिश्तो की किताब खोल के देख लेना,
दोस्ती हर रिश्ते से लाजवाब होती है..
बातें करके रुला ना दीजियेगा,
यूं चुप रहके सज़ा ना दीजियेगा,
ना दे सके खुशी तो ग़म ही सही,
पर दोस्त बना के यूं भुला ना दीजियेगा।
खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है,
जाने कब कौन ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है,
कुछ लोग ज़िंदगी में मिलते हैं ऐसे,
जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है..
तेरी जबान एक झूठ रोज बोलती है,
मेरी ऑखे एक सच हमैशा पढ लेती है,
कितनी अजीब बात है छोटी सी बात पे,
डरने वाली मेरी मोहब्बत जग से लड़ लेती है..
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही,
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!
आपने नज़र से नज़र कब मिला दी,
हमारी ‪‎ज़िन्दगी‬ झूमकर मुस्कुरा दी,
जुबां से तो हम कुछ भी न कह सके,
पर निगाहों ने दिल की कहानी सुना दी..
‪प्यार‬ कोई बारिश नही जो बरसे और थम जाये,
प्यार कोई सूरज नही जो निकले और डूब जाये,
प्यार तो हवा है जो चले तो ‪‎ज़िंदगी‬ और
ना चले तो मौत बन जाये।
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आँखों में रहा दिल में उतरकर नहीं देखा,
कश्ती के मुसाफ़िर ने समन्दर नहीं देखा,
पत्थर कहता है मुझे मेरा चाहनेवाला,
मैं मोम हूँ उसने मुझे छूकर नहीं देखा!
जब खामोश आँखो से बात होती है,
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,
तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं,
पता नही कब दिन और कब रात होती है..
सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर,
इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता,
बस पत्थर बन के रह जाता ‘ताज महल’
अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता..
फिर न सिमटेगी ये मोहब्बत जो बिखर जायेगी,
ज़िन्दगी ज़ुल्फ़ नहीं जो खुल के संवर जायेगी,
थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ज़िंदगी फिर न मिलेगी जो गुज़र जायेगी..
माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही,
पर ये सच ह के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही,
उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन,
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही..
तमाम उम्र ज़िंदगी से दूर रहे;
तेरी ख़ुशी के लिए तुझसे दूर रहे;
अब इस से बढ़कर वफ़ा की सज़ा क्या होगी;
कि तेरे होकर भी तुझसे दूर रहे।
सूख गए फूल पर बहार वही है,
दूर रहते हो पर प्यार वही है,
जानते है हम मिल नही पा रहे है आपसे,
मगर इन आँखों मे मोहब्बत का इंतज़ार वही हैं।
प्यार करो दुख मत देना,
किसी को आँसुअों का तोहफा मत देना,
दिल से कोसे जिंदगी भर कोई तुम्हे,
ऐसा मौका किसी को मत देना..
प्यार को पंछी समझ के प्यार करो;
और उस पंछी को पिंजरे से आज़ाद कर के देखो;
अगर लौट के आए तो अपना है;
अगर ना आए तो सोचना कभी अपना था ही नही..
इत्तेफ़ाक़ से यह हादसा हुआ है
चाहत से मेरा वास्ता हुआ है
दूर रह कर बड़ा बेताब था दिल
पास आ कर भी हाल बुरा हुआ है